तरनतारन: किसान धान सुखाकर लाएं, 2026.92 करोड़ भुगतान पाएं

तरनतारन में धान खरीद का बड़ा आंकड़ा

पंजाब के तरनतारन जिले में खरीफ सीजन के दौरान धान की खरीद लगातार जारी है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक 9 लाख 91 हजार 794 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। इस खरीद के एवज में किसानों को 2026.92 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। यह भुगतान किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजा जा रहा है।

मंडियों में आवक और एजेंसियों का हिस्सा

डिप्टी कमिश्नर राहुल ने बताया कि मंडियों में अब तक कुल 10 लाख 3 हजार 214 मीट्रिक टन धान आया है। इसमें पनग्रेन ने 4 लाख 54 हजार 566 मीट्रिक टन धान खरीदा। मार्कफेड ने 2 लाख 43 हजार 833 मीट्रिक टन धान खरीदा। पनसप ने 1 लाख 68 हजार 454 मीट्रिक टन धान खरीदा। पंजाब राज्य गोदाम निगम ने 1 लाख 18 हजार 986 मीट्रिक टन धान खरीदा। वहीं व्यापारियों ने 5 हजार 955 मीट्रिक टन धान की खरीद की है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

डीसी ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल सुखाकर ही मंडियों में लाएं। सरकारी एजेंसियां सिर्फ 17 प्रतिशत तक नमी वाला धान खरीदती हैं। ज्यादा नमी वाले धान को बेचने में किसानों को परेशानी हो सकती है। इससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो सकता है। इसलिए फसल को अच्छी तरह सुखाना बहुत जरूरी है। धान की खरीद से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए किसान आधिकारिक कृषि पोर्टल पर भी नजर रख सकते हैं।

कटाई के समय पर सख्त नियम

डीसी ने बताया कि धान की कटाई के लिए समय तय है। शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक कंबाइन मशीनों से कटाई पर रोक है। किसानों और ऑपरेटरों से इस नियम का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। नियम तोड़ने पर कार्रवाई की जाएगी। इस नियम का मकसद पराली जलाने की घटनाओं को रोकना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है।

पराली प्रबंधन की अपील

डीसी ने किसानों से यह भी अपील की कि वे धान की पराली और फसल के अवशेषों को आग न लगाएं। इसके बजाय पराली का उचित प्रबंधन करें। इससे पर्यावरण स्वच्छ रहेगा और जिला प्रदूषण मुक्त बनेगा। पराली जलाने से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी घटती है। किसान पराली को खेत में मिलाकर मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ा सकते हैं। इस बारे में अधिक जानकारी पराली प्रबंधन पोर्टल पर उपलब्ध है।
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